इडुक्की में दो मानसून आते हैं और असली सर्दी पड़ती है। सितंबर से मार्च तक पहाड़ियाँ हरी रहती हैं, हवा साफ़ होती है और पैदल घूमना आरामदेह — कुल मिलाकर सबसे अच्छा मौसम, जिसमें दिसंबर से फ़रवरी सबसे ठंडे और सबसे साफ़ महीने हैं। अप्रैल और मई मैदानों की गर्मी से बचकर आने वालों का व्यस्त मौसम है। जून से अगस्त दक्षिण-पश्चिम मानसून है: शानदार, तर-बतर कर देने वाला और कभी-कभी योजनाएँ बिगाड़ने वाला।
दो बातें ध्यान में रखकर योजना बनाइए: एराविकुलम राष्ट्रीय उद्यान आम तौर पर फ़रवरी और मार्च के आसपास तहर के प्रजनन काल के लिए बंद रहता है, और पेरियार में वन्यजीव झील के किनारे सबसे ज़्यादा सूखे महीनों में आते हैं, मोटे तौर पर दिसंबर से अप्रैल।
महीने-दर-महीने
| महीना | मौसम | भीड़ | ख़ास बातें |
|---|---|---|---|
| जनवरी | ठंडी रातें, साफ़ चमकीले दिन | शुरू में भीड़, फिर मध्यम | सबसे साफ़ नज़ारे; मुन्नार के आसपास पाला पड़ सकता है |
| फ़रवरी | ठंडा, सूखा, साफ़ | मध्यम | पेरियार में वन्यजीव अच्छे दिखते हैं; एराविकुलम आम तौर पर बंद हो जाता है |
| मार्च | गरम होता मौसम, सूखा, हल्की धुंध | मध्यम | हफ़्ते के बीच के दिन शांत; एराविकुलम आम तौर पर बंद |
| अप्रैल | गरम दिन, कभी-कभार गरज के साथ बारिश | भीड़ (स्कूल की छुट्टियाँ) | एराविकुलम फिर खुलता है; मैदानों की गर्मी से ठंडी राहत |
| मई | सबसे गरम महीना, मानसून से पहले की बौछारें | बहुत भीड़ | घरेलू पर्यटन का चरम; पहले से बुक कीजिए |
| जून | दक्षिण-पश्चिम मानसून का आगमन; भारी बारिश | कम | झरने बहने लगते हैं; होटल की दरें कम |
| जुलाई | बहुत भारी बारिश, धुंध, ठंडक | कम | सबसे गहरी हरियाली; भूस्खलन और सड़क बंदी का ख़तरा सबसे ज़्यादा |
| अगस्त | भारी बारिश, महीने के अंत में कम होती; कुछ बरसों में ओणम | कम–मध्यम | लबालब झरने; ओणम पर कभी-कभी बाँध खुलते हैं |
| सितंबर | बौछारें और धूप, घनी हरियाली | मध्यम | ताज़ा हरी पहाड़ियाँ; ओणम की छुट्टियाँ; पैसे की अच्छी वसूली |
| अक्टूबर | उत्तर-पूर्व मानसून: दोपहर बाद की आँधी-बारिश | मध्यम; दिवाली पर भीड़ | भरे जलाशय, नाटकीय आसमान |
| नवंबर | बौछारें कम होती हुईं, मौसम खुलता हुआ | मध्यम | ट्रेकिंग का बेहतरीन मौसम शुरू |
| दिसंबर | ठंडक से ठंड तक, ज़्यादातर साफ़ | क्रिसमस–नए साल पर बहुत भीड़ | पीक सीज़न; बाँध अक्सर पर्यटकों के लिए खुले |
सर्दी (दिसंबर से फ़रवरी): ठंडी, साफ़ और लोकप्रिय
यह नीले आसमान और दूर तक के नज़ारों का मौसम है। मुन्नार में दिन सुहाने और रातें ठंडी होती हैं — तापमान अक्सर दस से नीचे, और किसी-किसी जनवरी में क़स्बे के ऊपर के बागान सुबह पाले से ढके मिलते हैं। नीचे बसा थेक्कडी बस सुहाना रहता है। टॉप स्टेशन, कोलुक्कुमलई के सूर्योदय और किसी भी ट्रेक के लिए यह सबसे अच्छा समय है। क्रिसमस से जनवरी की शुरुआत तक का पखवाड़ा साल का सबसे व्यस्त और सबसे महँगा होता है।
गर्मी (मार्च से मई): तपिश से राहत
जब केरल का तट और तमिलनाडु के मैदान तपते हैं, मुन्नार का तापमान बीस से पच्चीस डिग्री के आसपास बना रहता है। नज़ारे कुछ धुँधले और पहाड़ियाँ थोड़ी सूखी रहती हैं, और अप्रैल से दोपहर बाद गरज के साथ बारिश होने लगती है। यह भारतीय परिवारों की छुट्टियों का मुख्य मौसम है, इसलिए अप्रैल और मई के वीकेंड पर भीड़ रहती है और होटल महँगे होते हैं। याद रखिए कि एराविकुलम आम तौर पर फ़रवरी और मार्च के कुछ हिस्से में बंद रहता है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से अगस्त): हरा, भीगा और अनिश्चित
मानसून जून की शुरुआत के आसपास केरल पहुँचता है, और घाट की हवा की ओर वाली ढलान पर ऊँचाई में बसा इडुक्की उसकी पूरी मार झेलता है। कई-कई दिन लगातार भारी बारिश, बागानों पर बैठे बादल, जंगल में जोंक और हर पहाड़ी पर झरने — इसके लिए तैयार रहिए। यह सुंदर है, और होटल की दरें सबसे कम होती हैं — पर भूस्खलन भी इसी समय होते हैं। अगस्त 2018 की बाढ़ और अगस्त 2020 में मुन्नार के पास पेट्टिमुडी का भूस्खलन याद दिलाते हैं कि यहाँ का मौसम कितना गंभीर हो सकता है। ट्रेक और कुछ ईकोटूरिज़्म कार्यक्रम रोक दिए जाते हैं, नाव की सैर रद्द हो सकती है, और सड़कें अचानक बंद हो सकती हैं।

अगर आप इन महीनों में आएँ तो कुछ अतिरिक्त दिन रखिए, ड्राइव छोटी रखिए, ऐसी जगह ठहरिए जहाँ बैठकर बारिश देखना आपको अच्छा लगे, और ज़िला प्रशासन की सलाह मानिए।
उत्तर-पूर्व मानसून (अक्टूबर और नवंबर)
बारिश का दूसरा, हल्का दौर साफ़ सुबहें और दोपहर बाद या शाम की तेज़ गरज-बारिश लाता है, ख़ासकर तमिलनाडु सीमा के पास पूर्वी हिस्से में। अगर आप घूमना-फिरना दिन के पहले हिस्से में रखें तो आने के लिए यह अच्छा समय है। जलाशय भरे होते हैं और पहाड़ियाँ सबसे हरी।
नीलकुरिंजी का खिलना
नीलकुरिंजी (Strobilanthes kunthiana) ऊँचे घास के मैदानों की झाड़ी है जो एक साथ खिलती है, बीज देती है और मर जाती है। मुन्नार के आसपास सामूहिक फूल मोटे तौर पर हर बारह साल में आए हैं — 1994, 2006, 2018 — आम तौर पर लगभग अगस्त से अक्टूबर के बीच। इस हिसाब से अगली बार 2030 के आसपास होगी।
कृपया इसे एक अंदाज़ा मानिए, बुकिंग की तारीख़ नहीं। अलग-अलग समूह और इससे मिलती-जुलती प्रजातियाँ अलग-अलग चक्र पर खिलती हैं, इसलिए छोटे स्तर पर फूल दूसरे बरसों में और दूसरी जगहों पर भी दिख जाते हैं (मिसाल के तौर पर, 2022 में शांतनपारा के पास कल्लिप्पारा की एक पहाड़ी पर भीड़ उमड़ी थी)। और 2018 के फूलों पर बाढ़ का बुरा असर पड़ा था। समय क़रीब आने पर केरल वन विभाग की घोषणाओं पर नज़र रखिए।
वन्यजीव देखने का समय
- पेरियार: हाथी, गौर और हिरण लगभग दिसंबर से अप्रैल तक सबसे आसानी से दिखते हैं, जब बाक़ी जगह पानी कम होता है। बारिश के बाद जंगल घना हो जाता है और जानवर बिखर जाते हैं।
- एराविकुलम: उद्यान जब भी खुला हो, तहर दिखते हैं; प्रजनन काल की बंदी के बाद, लगभग अप्रैल से, छोटे मेमने नज़र आते हैं।
- चिन्नार: साल के ज़्यादातर समय सूखा और पहुँच में; दिसंबर से अप्रैल सबसे अच्छा।
त्योहार और भीड़ वाली तारीख़ें
- ओणम (अगस्त या सितंबर) केरल का फ़सल का बड़ा त्योहार है और छुट्टियों का अहम हफ़्ता; परंपरा से इडुक्की और चेरुतोनी बाँध इसी के आसपास पर्यटकों के लिए खोले जाते रहे हैं।
- दिवाली, पूजा की छुट्टियाँ (अक्टूबर–नवंबर) पूरे दक्षिण भारत से पर्यटक लाती हैं।
- क्रिसमस से नया साल साल का सबसे व्यस्त दौर है — महीनों पहले बुक कीजिए।
- चित्रा पूर्णिमा (अप्रैल या मई की पूर्णिमा) साल का वह अकेला दिन है जब तीर्थयात्रियों को पेरियार टाइगर रिज़र्व के भीतर प्राचीन मंगला देवी मंदिर तक जाने दिया जाता है।

